पटना: 1982 में आई सुपरहिट फिल्म नदिया के पार का सदाबहार गीत ‘कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया’ एक बार फिर सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। हालांकि इस बार यह गाना अपने पुराने रोमांटिक अंदाज में नहीं, बल्कि भोजपुरी गांव और देहाती जीवन की खुशबू से भरे नए रूप में लोगों को आकर्षित कर रहा है।
भोजपुरी कंटेंट क्रिएटर मृत्युंजय कुमार ने इस लोकप्रिय गीत को नए अंदाज में पेश किया है। उन्होंने मूल धुन और भाव को बरकरार रखते हुए इसमें गांव की गलियां, खेत-खलिहान, तालाब, पीपल की छांव और मिट्टी की सादगी को शामिल किया है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो को 17 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और लोग लगातार इसे पसंद कर रहे हैं।
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इस नए भोजपुरी वर्जन में गांव की सुबह, कोयल की आवाज, काली माई मंदिर, परिवार का अपनापन और गांव के शांत माहौल को खूबसूरती से दिखाया गया है। वीडियो यह संदेश देने की कोशिश करता है कि शहर की भागदौड़ और चमक-दमक के बीच भी गांव जैसा सुकून कहीं नहीं मिलता।
नदिया के पार भारतीय सिनेमा की उन यादगार फिल्मों में गिनी जाती है, जिनमें भोजपुरी, पूर्वांचल और अवधी संस्कृति की असली झलक देखने को मिलती है। राजश्री प्रोडक्शंस की यह फिल्म 1982 में रिलीज हुई थी और बाद में इसी कहानी से प्रेरित होकर हम आपके हैं कौन जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाई गई।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर यूजर्स भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने लिखा, “गांव की जिंदगी ही असली जिंदगी है”, तो किसी ने कहा, “यह गाना दिल को सुकून देता है।” कई लोग इसका पूरा म्यूजिक वीडियो रिलीज करने की मांग भी कर रहे हैं।
मृत्युंजय कुमार इससे पहले भी कई बॉलीवुड गीतों को भोजपुरी गांव वर्जन में रीक्रिएट कर चुके हैं। तेरे नाम समेत कई पुराने गानों के उनके देसी संस्करण सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो चुके हैं।
भोजपुरी और पूर्वांचल की लोकसंस्कृति से जुड़े लोग इस ट्रेंड को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि डिजिटल दौर में गांव, भाषा और लोकसंस्कृति की नई वापसी के रूप में देख रहे हैं।

