भोजपुरी इंडस्ट्री पर नीता चंद्रा का बड़ा बयान, बोलीं ‘कम से कम एक अच्छी फिल्म तो बने’

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Neetu Chandra questions Bhojpuri industry’s future, urges …अभिनेत्री और प्रोड्यूसर नीता चंद्रा ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को लेकर एक बार फिर चिंता जताई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इंडस्ट्री को अपनी दिशा सुधारने की जरूरत है और फिल्ममेकर्स को कम से कम एक “डिसेंट” यानी अच्छी फिल्म जरूर बनानी चाहिए। नीता चंद्रा ने इंटरव्यू में भोजपुरी सिनेमा की मौजूदा स्थिति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कंटेंट की गुणवत्ता में गिरावट साफ नजर आती है। उनका मानना है कि अगर इंडस्ट्री को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है, तो अच्छे विषय और बेहतर कहानी पर काम करना बेहद जरूरी है।

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एक अच्छी फिल्म भी बदलाव ला सकती है

नीता का कहना है कि अगर हर फिल्ममेकर साल में कम से कम एक अच्छी फिल्म बनाए, तो पूरी इंडस्ट्री की छवि बदल सकती है। उन्होंने यह भी इशारा किया कि आज के दौर में दर्शक समझदार हो चुके हैं और वे बेहतर कंटेंट की मांग करते हैं। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री लंबे समय से अश्लीलता और कमजोर कंटेंट के आरोपों से जूझ रही है। यही वजह है कि इसकी छवि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई है। नीता चंद्रा मानती हैं कि इस धारणा को बदलने के लिए जिम्मेदार फिल्म निर्माण जरूरी है।

खुद कर चुकी हैं सार्थक सिनेमा की पहल

नीता चंद्रा खुद भी भोजपुरी और मैथिली फिल्मों में सार्थक सिनेमा बनाने की कोशिश कर चुकी हैं। उनके प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘मिथिला मखान’ को नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है, जो यह साबित करता है कि क्षेत्रीय सिनेमा में भी गुणवत्ता के जरिए पहचान बनाई जा सकती है। नीता का साफ संदेश है कि भोजपुरी सिनेमा में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसे सही दिशा में ले जाने के लिए फिल्ममेकर्स को जिम्मेदारी निभानी होगी। अच्छी कहानियां, साफ-सुथरा कंटेंट और मजबूत प्रोडक्शन ही इंडस्ट्री का भविष्य तय करेंगे।

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