धर्म, रीति-रिवाज

भोजपुरी लोक की वह बात, जो रहीम भी जानते थे और दोहे में कह गए

-डॉ. देवेंद्र नाथ तिवारी भोजपुरी साहित्य की असल शक्ति या ताकत या विशिष्टता क्या है? उसकी लोक-स्मृति। उसकी जड़ें लोक जीवन में हैं, जो पीढ़ियों...

भोजपुरी में का बा? भाग-1

डॉ. संतोष पटेल भोजपुरी साहित्य में कुछ काम अइसन भइल बा, जवन होखे वाला घटना से पहिलहीं सोच लिहल गइल बा। सुरेश कांटक जी भोजपुरी...

स्वतंत्रता संग्राम में भोजपुरी का ऐतिहासिक योगदान: डॉ. सुधाकर तिवारी

लोक विधाओं के माध्यम से राष्ट्रवाद की अलख जगाने की गौरवगाथा लिखने का काम भोजपुरी ने किया। भोजपुरी भाषा देश के स्वतंत्रता आंदोलन में...

बिहार के लोकजीवन में प्रेम, बिछोह और प्रवास की कहानी है जट-जटिन नृत्य

उत्तर बिहार की लोकपरंपरा का चर्चित नृत्य, जिसमें पति-पत्नी के रिश्ते और रोजी-रोटी के लिए दूर जाने की पीड़ा दिखाई देती है बिहार की लोकसंस्कृति...

लखनऊ में गूंजेगा भोजपुरी संस्कृति का स्वर, 8 अगस्त को होगा भव्य भोजपुरी महोत्सव

लखनऊ। भोजपुरी भाषा, लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से अखिल भारतीय भोजपुरी समाज की ओर से भोजपुरी महोत्सव का...

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