भोजपुरी भाषा को संवैधानिक मान्यता समेत 11 मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन

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वाराणसी में प्रगतिशील भोजपुरी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पीएम जनसंपर्क कार्यालय में सौंपा मांगपत्र

वाराणसी। भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने समेत 11 मांगों को लेकर प्रगतिशील भोजपुरी समाज ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को वाराणसी में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. जनार्दन सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दोपहर एक बजे पीएम जनसंपर्क कार्यालय पहुंचकर प्रभारी शिवशरण पाठक को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में प्रगतिशील भोजपुरी समाज के आंदोलन सचिव कैलाश सिंह, सांस्कृतिक सचिव मासूम अली, उपाध्यक्ष काशीनाथ यादव, वाराणसी जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह, भोजपुरिया अमन के उपसंपादक डॉ. धीरज कुमार गुप्ता और फिल्म कलाकार अमित रावत सहित अन्य लोग शामिल रहे।

भोजपुरी अकादमी और विश्वविद्यालय की मांग

संगठन ने भोजपुरी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और शैक्षणिक विकास के लिए काशी में भोजपुरी अकादमी की स्थापना करने की मांग की। साथ ही भोजपुरी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र भोजपुरी विभाग की स्थापना और एमए स्तर तक भोजपुरी की पढ़ाई शुरू कराने की मांग रखी गई।

ज्ञापन में प्राथमिक शिक्षा में भोजपुरी को पाठ्यक्रम में शामिल करने, भोजपुरी में शोध को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक स्तर पर नीति बनाने तथा भोजपुर विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग भी शामिल है। इसके अलावा बीएचयू में भोजपुरी के अध्ययन-अध्यापन के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई।

अश्लीलता पर रोक और भोजपुर रेजीमेंट की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने भोजपुरी साहित्य, संगीत और सिनेमा में बढ़ रही अश्लीलता पर रोक लगाने की मांग भी की। इसके साथ ही जातिवाद एवं संप्रदायवाद पर अंकुश लगाने, भोजपुर राज्य के गठन तथा भोजपुर रेजीमेंट के गठन की मांग ज्ञापन में रखी गई।

ज्ञापन में शामिल 11 प्रमुख मांगें

  1. भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
  2. काशी, वाराणसी में भोजपुरी अकादमी की स्थापना की जाए।
  3. भोजपुरी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों में स्वतंत्र भोजपुरी विभाग स्थापित कर एमए तक पढ़ाई की व्यवस्था की जाए।
  4. प्राथमिक शिक्षा में भोजपुरी का पाठ्यक्रम लागू किया जाए।
  5. जातिवाद एवं संप्रदायवाद पर अंकुश लगाने के उपाय किए जाएं।
  6. भोजपुर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए।
  7. बीएचयू में भोजपुरी के अध्ययन-अध्यापन के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
  8. भोजपुरी में शोध को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता संबंधी नीति बनाई जाए।
  9. भोजपुरी साहित्य, संगीत और सिनेमा में अश्लीलता पर रोक लगाने के उपाय किए जाएं।
  10. भोजपुर राज्य के गठन की मांग पर विचार किया जाए।
  11. भोजपुर रेजीमेंट के गठन की मांग की जाए।

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