Tag: भोजपुरी पुस्तक समीक्षा

Browse our exclusive articles!

Now Is the Time to Think About Your Small-Business Success

Find people with high expectations and a low tolerance...

‘बेकहल जिन्दगी’ भोजपुरी शब्द-संपदा में शास्त्रीय बहर की सधी हुई ग़ज़लें

समीक्षक: डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा नेपाल प्रवास के दौरान नेपाल के महाकवि गोपाल अश्क जी ने अपनी चार पुस्तकें सप्रेम भेंट की थीं। उनमें बेकहल...

‘माटी-पानी’ भोजपुरी अस्मिता, लोक-संस्कृति आ जीवन-बोध के जीवंत दस्तावेज

डॉ. संतोष पटेल पेशा से पत्रकार आ हृदय से लेखक भाई रितेश त्रिपाठी के निबंध संग्रह ‘माटी-पानी’ भोजपुरी वाङ्मय के एगो अनमोल धरोहर बा। ई...

भोजपुरी पाठकों के लिए अनमोल कृति है भोजपुरी में श्रीमद्भगवद् गीता

समीक्षक: डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा श्रीमद् भगवद् गीता भारतीय ज्ञान-परंपरा का ऐसा महान ग्रंथ है, जिसकी प्रासंगिकता किसी एक समय, वर्ग अथवा भूगोल तक सीमित...

‘ककहरा’ भोजपुरी काव्य की समकालीन समझ का सार्थक प्रयास

समीक्षक: डॉ० दिनेश प्रसाद सिन्हा भोजपुरी अपनी वाचिक परंपरा, लोकधर्मी चेतना और गेयता के लिए विश्वभर में पहचानी जाती है। सदियों से यह भाषा लोकजीवन...

भोजपुरी में का बा? भाग-1

डॉ. संतोष पटेल भोजपुरी साहित्य में कुछ काम अइसन भइल बा, जवन होखे वाला घटना से पहिलहीं सोच लिहल गइल बा। सुरेश कांटक जी भोजपुरी...

Popular

भोजपुरी की संवैधानिक मान्यता की मांग को मिला नया आधार, केंद्रीय मंत्री ने किया उल्लेख

गजेंद्र सिंह शेखावत ने भोजपुरी की वैश्विक पहचान का...

Subscribe

spot_imgspot_img