Tag: पुस्तक समीक्षा

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‘बिगुल’ का पराग पर एकाग्र विशेषांक, भोजपुरी साहित्य के एक मनीषी का सार्थक पुनर्पाठ

समीक्षक : डॉ. सुनील कुमार पाठक साहित्यिक पत्रिकाओं के लगातार बंद होते दौर में किसी पुरानी पत्रिका का पुनर्प्रकाशन भोजपुरी साहित्य-जगत के लिए निश्चय ही...

‘हम मेहररुए नू हईं’: स्त्री की पीड़ा, प्रतिरोध और भीतर छिपल आग के सशक्त स्वर

समीक्षक- राजेश भोजपुरियाचर्चित कवयित्री आ लेखिका डॉ. संध्या सिन्हा के चर्चित भोजपुरी काव्य-संग्रह ‘दोहमच’ में शामिल रचना ‘हम मेहररुए नू हईं’ स्त्री-जीवन के पीड़ा, संघर्ष,...

‘बार के दीअरी दहा दिहिला’, भोजपुरी गजल आ गीत में माटी के महक के अनमोल संग्रह

समीक्षक: राजेश भोजपुरिया भोजपुरी साहित्य में गजल आ गीत के परंपरा के समृद्ध करे वाला डॉ. उदय प्रताप हयात के पहिला भोजपुरी गजल-गीत संग्रह 'बार...

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