Tag: भोजपुरी संस्कृति

Browse our exclusive articles!

Now Is the Time to Think About Your Small-Business Success

Find people with high expectations and a low tolerance...

लोक से शास्त्र तक भोजपुरी नाट्य परंपरा की ऐतिहासिक यात्रा

समीक्षक- डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल भोजपुरी के लोक-साहित्य- जइसे बिदेसिया, लौंडा नाच, चैता, सोहर का अलावे संस्कार गीत, गाथा साहित्य आदि त सदियन से जीवंत...

‘चिंउटी के मान’ में सुनाई देती भोजपुरी के युवा स्वर की सशक्त धमक

समीक्षक: सुनील कुमार पाठक समकालीन भोजपुरी कविता में युवा कवियों की धमक अब साफ-साफ सुनाई दे रहल बा। श्री कृष्णा जी पांडेय, अरक-बिचला टोला (बक्सर)...

सूरीनाम हेरिटेज फेस्टिवल में गूंजे भोजपुरी लोकगीत, कजरी और विवाह गीतों ने बांधा समां

वाराणसी। दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम में आयोजित सूरीनाम हेरिटेज फेस्टिवल में भोजपुरी लोकगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।...

नाम अलग, अंदाज अलग और स्वाद भी खास, बिहार की पेड़किया की अपनी कहानी

बिहार में त्योहार सिर्फ रंग, पूजा और पकवानों का नाम नहीं हैं, बल्कि ये घर की पुरानी परंपराओं, रिश्तों और यादों का हिस्सा भी...

नेटुआ नाच: भोजपुरी लोकसंस्कृति का वह मंच, जहां नाच के साथ समाज भी बोलता था

लोकनृत्य, लोकनाट्य और सामाजिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम है नेटुआ नाच। कभी गांव-गांव घूमकर लोगों का मनोरंजन करने वाली यह परंपरा आज बदलते समय,...

Popular

जौहर से ‘सूफ़ी रत्न’ तक, दीवारों के पार, रूह की आवाज़

डॉ. जौहर शफ़ियाबादी के साहित्यिक और आध्यात्मिक योगदान पर...

Subscribe

spot_imgspot_img