मॉरीशस में 28 दिन चलेगा भोजपुरी भाषा और विरासत का महोत्सव, 4 से 10 अक्टूबर तक होंगे विशेष कार्यक्रम

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भोजपुरी को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में मॉरीशस में ‘इंटरनेशनल वर्ल्ड भोजपुरी हेरिटेज फेस्टिवल 2026’ का आयोजन किया जाएगा। 28 सितंबर से 25 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में भारत समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

मॉरीशस। भोजपुरी भाषा, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से मॉरीशस में 28 दिवसीय ‘इंटरनेशनल वर्ल्ड भोजपुरी हेरिटेज फेस्टिवल 2026’ आयोजित किया जाएगा। आयोजन से जुड़ी जानकारी के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत 28 सितंबर 2026 से होगी और यह 25 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान भोजपुरी भाषा और उससे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को केंद्र में रखकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम की आयोजक डॉ. हूशिला देवी रिसेउल, पी.बी.एच. प्रेसिडेंट, बनारस वर्ल्ड भोजपुरी एसोसिएशन, मॉरीशस ने बताया कि महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रम 4, 8, 9 और 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित हैं। इसमें भारत के अलावा इंग्लैंड, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका और रोड्रिग्स से भी लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। आयोजकों का उद्देश्य भोजपुरी को केवल एक भाषा के रूप में नहीं, बल्कि इससे जुड़ी लोकपरंपरा, संस्कृति, इतिहास और सामाजिक विरासत के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।

2011 में भारत में हुई थी 50 दिन की भोजपुरी यात्रा

आयोजन से जुड़े संदेश में कहा गया है कि भारत में वर्ष 2011 में 50 दिनों की भोजपुरी यात्रा आयोजित की गई थी। अब इसी तरह की पहल को मॉरीशस में व्यापक स्वरूप देते हुए 28 दिनों तक भोजपुरी भाषा और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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महोत्सव को ‘भोजपुरी भाषा के यात्रा’ के रूप में भी प्रस्तुत किया जा रहा है। हालांकि इसका दायरा केवल भोजपुरी तक सीमित न रखकर दुनिया में बोली जाने वाली भाषाओं और उनकी विरासत के संरक्षण से जोड़ने की बात कही गई है।

नई पीढ़ी को परंपरा से जोड़ने पर जोर

मॉरीशस में भोजपुरी की मजबूत सांस्कृतिक मौजूदगी रही है। आयोजन के संदेश में कहा गया है कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और भाषा से जोड़ना जरूरी है, ताकि पुरानी परंपराएं आगे भी जीवित रहें। इसके लिए भाषा, संस्कृति और विरासत से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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आयोजकों की ओर से भोजपुरी को भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने की अपील की गई है। संदेश में कहा गया है-‘भारत हमार माईके ह आ मॉरीशस हमार ससुराल।’ यह आयोजन भोजपुरी भाषा को भारत की सीमाओं से बाहर उसके वैश्विक सांस्कृतिक विस्तार और प्रवासी समाज में उसकी भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

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