कनक किशोर
गजबे नू भाई अमेरिकी चाल,कइसन आइल समय,सामंत बजावे गाल।
बात-बात पर हड़कावे,टैरिफ के ऊ नाथ दिखावे,झूठ-साँच दिन-रात बोलिकेनित दिन करे कमाल।
बात के जेकर तनिक...
समीक्षक- डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल
भोजपुरी के लोक-साहित्य- जइसे बिदेसिया, लौंडा नाच, चैता, सोहर का अलावे संस्कार गीत, गाथा साहित्य आदि त सदियन से जीवंत...